Panchvarshiya Yojana Kya Hai | 13 वी पंचवर्षीय योजना क्या है। 

आज का आर्टिकल उन सभी छात्र एवं छात्राएं तथा देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है जो पंचवर्षीय योजनाओं के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं दोस्तों आज के इस आर्टिकल के अंदर हम साधारण भाषा में आपको बताने वाले हैं कि Panchvarshiya Yojana Kya Hai और पंचवर्षीय योजना कब लागू हुई और कब तक चल रही है वहीं का लाभ हमारी तक कैसे पहुंच पाता है चलिए दोस्तों हम panchvarshiya yojana in hindi के बारे में आपको जानकारी देते हैं।।

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1 Panchvarshiya Yojana Kya Hai
1.1 पंचवर्षीय योजनाओं के लाभ तथा विशेषताएं और कार्यकाल

Panchvarshiya Yojana Kya Hai

योजना:- पंचवर्षीय योजना के बारे में जानने से पहले हमें यह जानना होगा कि आखिर योजना क्या होती है तो किसी भी कार्य को करने से पहले उस कार्य का एक ढांचा तैयार कर लेना या रूपरेखा तैयार कर लेना ही योजना कहलाती है।

Panchvarshiya Yojana:- इस पंचवर्षीय शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है “पंच + वर्षीय” अर्थात ऐसी योजना जो 5 वर्षों के लिए लागू की जाती हूं पंचवर्षीय योजना कहलाती है। पंचवर्षीय योजना हर 5 साल के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश के लोगों के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए शुरू की जाने वाली योजना है।

इस योजना के अंतर्गत देश में कृषि विकास रोजगार के अवसर प्रदान करना मानवीय व भौतिक संसाधनों का उपयोग कर उत्पादकता को बढ़ावा आदि देना है इस योजना के अंतर्गत अब तक 12 पंचवर्षीय योजना जारी की जा चुकी है और ये योजनाएं वर्तमान नीति आयोग के तहत जारी की जाती है और 13वीं पंचवर्षीय योजना कब स्टार्ट हो चुकी है।

आजादी के बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री पंडित  जवाहरलाल नेहरू ने 9 जुलाई 1951 को पहली पंचवर्षीय योजना की रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास रखी गई जो पारित हुई।  इस रिपोर्ट के अंदर 5 बरस के अंदर सरकार देश का किस प्रकार से विकास करेगी इस प्रकार का मॉडल तैयार किया गया था। पंचवर्षीय योजनाओं को चलाने हेतु भारतीय योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को किया गया। जिसका नाम बदलकर श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2015 के अंदर नीति आयोग कर दिया। 

देश की सभी Panchvarshiya Yojana के अंदर देश के सर्वांगीण विकास गरीबी दूर करना स्वरोजगार हासिल करना सामाजिक भेदभाव को दूर करना नए-नए उद्योग धंधे स्थापित करना स्वरोजगार अपनाना और विदेशों में निर्यात करना आदि को ध्यान में रखकर पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया।

अब हम सभी प्रकार की पंचवर्षीय योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी आपको देखते हैं तथा उनके कार्यकाल के बारे में और उनको जारी करने वाले नेताओं के बारे में भी आपको जानकारी देते हैं।

Panchvarshiya Yojana Kya Hai
Panchvarshiya Yojana Kya Hai

पंचवर्षीय योजनाओं के लाभ तथा विशेषताएं और कार्यकाल

1st Panchvarshiya Yojana- पहली पंचवर्षीय योजना (1951-1956)

पहली पंचवर्षीय योजना भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के द्वारा सन 1951 में जारी की गई थी और इसका कार्यकाल सन 1956 तक सो रहा था। यह भारत की पहली योजना है जो नीति आयोग के तहत जारी की गई थी इसके तहत कृषि विकास रोजगार के अवसर और उत्पादकता में बढ़ावा हेतु इसे जारी किया गया था।

इस योजना के तहत सर्वाधिक जोर कृषि विभाग पर दिया गया था अर्थात बाढ़ सूखा अकाल की वजह से करते नष्ट हो रही है उनके निवारण हेतु इस योजना को लागू किया गया और इस योजना के तहत भारत के अंदर कुल 5 लोह कारखाने भी स्थापित किए गए थे जिनमें बेरोजगार लोगों को रोजगार की प्राप्ति हुई थी।

प्रथम पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • सभी किसानों को फसल बर्बाद होने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना।
  • किसानों को खेती करने के अवसर प्रदान करना।
  • किसानों को सरकार की तरफ से कृषि हेतु योगदान प्राप्त करवाना।
  • शरणार्थियों का पुनर्वास
  • किस पंचवर्षीय योजना के तहत कृषि विभाग पर विशेष जोर दिया गया था

2nd Panchvarshiya Yojana – द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956 -1961)

दूसरी पंचवर्षीय योजना सन 1956 से स्टार्ट हुई थी और सन 1961 तक इसका कार्यकाल रहा था इस योजना के अंदर उद्योग धंधों पर काफी अधिक बल दिया गया था। घरेलू उद्योगों को चालू करना और उन्हें आगे तक पहुंचाने का आश्वासन द्वितीय पंचवर्षीय योजना के अंदर दिया गया था सरकार ने निर्धारित किया था कि इस 5 वर्षों के अंतर्गत भारत के हर व्यक्ति का आर्थिक स्थिति 25% ऊपर उठ जाएगी।

द्वितीय पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • दूसरी पंचवर्षीय योजना के तहत उद्योग धंधों को बढ़ावा देना
  • ज्योति पंचवर्षीय योजना के तहत घरेलू उत्पादकों में बढ़ावा हेतु प्रोत्साहन देना
  • इस योजना के दौरान इस्पात के तीन बड़े कारखाने खोले गए – भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला का निर्माण किया गया ।

3rd Panchvarshiya Yojana – तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961-1966)

तीसरी पंचवर्षीय योजना 1961 से स्टार्ट होकर 1966 तक चली इसके अंदर कृषि पर विशेष जोर दिया गया और किसानों को गेहूं की खेती करने का प्रशिक्षण भी दिया गया इस योजना के तहत कई सारे सीमेंट कारखाने और उद्योग खोले गए इस योजना से पंजाब के अंदर गेहूं की बहुतायत रही थी और प्रमुख फसलों के अंदर जैसे गेहूं आदि में तीसरी पंचवर्षीय योजना कामगार साबित हुई थी।

तृतीय पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना के तहत कृषि उद्योग धंधों को प्राथमिकता दी गई थी।
  • तृतीय पंचवर्षीय योजना के तहत उद्योग धंधों को आत्मनिर्भरता बनाना एवं विदेशों में निर्यात करना था।
  • इस पंचवर्षीय योजना के तहत ही नई सीमेंट कारखाने और उर्वरक कारखाने स्थापित किए गए।
  • घरेलू उत्पाद (सकल घरेलू उत्पाद) का लक्ष्य विकास दर 5.6 प्रतिशत प्राप्त करना था। हासिल वृद्धि दर 2.84 प्रतिशत थी ।

4th Panchvarshiya Yojana – चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974)

चतुर्थ पंचवर्षीय योजना 1969 के अंतर्गत चालू हुई और 1974 के अंदर समाप्त हुई इस योजना के समय भारत के प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और इन्हें की सरकार के अंदर भारत में कुल 15 बैंकों को स्थापित किया गया और राष्ट्रीय कृत किया गया साथ ही में हरित क्रांति का भी उद्घाटन किया गया सन 1971 के अंदर इंदिरा गांधी जी ने चुनाव के समय यह “गरीबी हटाओ” का नारा भी दिया इंदिरा जी ने घरेलू उद्योग पर कार्य करने पर विशेष बल दिया

चौथी पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना के अंतर्गत आर्थिक विकास पर विशेष बल दिया गया
  • स्थिरता के साथ आर्थिक विकास भी हुआ
  • आत्मनिर्भर ताकि अधिक अधिक प्राप्ति हुई
  • चौथी पंचवर्षीय योजना में विकास लक्ष्य दर 5.7% रखी गई जिसका वास्तविकता में 3 पॉइंट 3 प्रतिशत ही हासिल कर पाए।

5th Panchvarshiya Yojana – पांचवी पंचवर्षीय योजना (1974 – 1979 )

पांचवी पंचवर्षीय योजना सन 1974 में चालू हुई और सन 1979 के अंदर समाप्त हुई इस पंचवर्षीय योजना के तहत कृषि उत्पादन एवं आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया गया इस योजना के तहत 2 अक्टूबर 1975 में ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की स्थापना हुई इस योजना के तहत समाज में हो रहे जातिगत भेदभाव को दूर करना और आत्मनिर्भरता तथा गरीबी को दूर करना था

6th Panchvarshiya Yojana – छठी पंचवर्षीय योजना (1980-1985)

छठी पंचवर्षीय योजना को सन 1980 में लागू किया गया और सन 1985 तक यह परियोजना चली थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी उदारीकरण को दूर करना था। बीजेपी सरकार ने पंचवर्षीय योजना को नाम बदलकर अनुवर्ती योजना कर दिया था परंतु इंदिरा गांधी की नई सरकार ने इसे वापस छठी पंचवर्षीय योजना में तब्दील कर दिया और इसका विकास करवाया इस योजना में देश की गरीबी को खत्म कर और स्वरोजगार पढ़ने की बात पर अधिक बल दिया गया

छठी पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश से गरीबी का निवारण करना और  आर्थिक विकास , आधुनिकीकरण, तथा सामाजिक न्याय स्थापित करना था ।
  • इस योजना के तहत मुद्रास्फीर्ति 16.7% से घटकर 5% ही रह गयी |
  • स्वरोजगार पर जीत हासिल करना इसका मुख्य उद्देश्य रहा था

7th Panchvarshiya Yojana – सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-1990)

सातवीं पंचवर्षीय योजना सन 1985 से लेकर सन 1990 तक इसका कार्यकाल रहा था। सातवीं पंचवर्षीय योजना में इंदिरा आवास योजना (1985-86), जवाहर रोज़गार योजना (1989) और नेहरू रोज़गार योजना (1989) को लागू किया गया था । सातवीं पंचवर्षीय योजना समाजवाद पर विशेष ध्यान दे रही थी और समाज के विकास में लगी हुई है इसे सामाजिक पंचवर्षीय योजना के नाम से भी जाना जाता है

सातवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • देश से गरीबी को कम करना
  • और उत्पादन को बढ़ावा देना ।
  • समाज सवेाओं में उन्नति करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रो को उन्नति की ओर ले जाना ।
  • सामाजिक विकास करना
  • गरीब लोगों को आवास प्रदान करना

8th Panchvarshiya Yojana – आठवीं पंचवर्षीय योजना ( 1992-1997)

आठवीं पंचवर्षीय योजना वर्ष 1992 से लेकर वर्ष 1997 तक इसका कार्यकाल रहा था इस पंचवर्षीय योजना के तहत देश में सर्वोच्च प्राथमिकता मानव संसाधन का विकास, रोजगार व शिक्षा जन स्वास्थ्य को दे दी गई इस योजना के तहत शिक्षा पर अधिक बल दिया गया और शिक्षा को मजबूत बनाने का कार्य किया गया।

आठवीं पंचवर्षीय योजना के तहत, भारतीय अर्थव्यवस्था के क्रमिक खोलने के तेजी से बढ़ते घाटे और विदेशी कर्ज मैं सुधार किया गया था। इस योजना के अंदर जनसंख्या वृद्धि, गरीबी में कमी, रोजगार सृजन को नियंत्रित करने, बुनियादी ढांचे, संस्थागत निर्माण, पर्यटन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास, पंचायत राज, नगर Palikas, गैर सरकारी संगठन और विकेन्द्रीकरण और लोगों की भागीदारी की भागीदारी को मजबूत बनाने। ऊर्जा परिव्यय का 26.6% के साथ प्राथमिकता दी थी । 

आठवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य

  • शिक्षा को बढ़ावा देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य था
  • गरीबी को दूर करना
  • देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
  • मानव संसाधन का विकास करना
  • पर्यटन विभागों में सुधार कर मुझसे आय जनरेट करना
  • गैर सरकारी संगठनों को तोड़कर उन्हें सरकारी भागीदारी में शामिल करना

9th Panchvarshiya Yojana – नवी पंचवर्षीय योजना (1997-2002)

नवी पंचवर्षीय योजना सन 1997 में स्टार्ट हुई थी और सन 2002 तक यह योजना चली थी। इस योजना के तहत देश की अर्थव्यवस्था मजबूत की गई मानव संसाधन का विकास किया गया पर्यटन विभागों में सुधार किया गया गैर सरकारी संगठनों को तोड़कर सरकारी संगठन बनाएंगे गरीबी में कमी आई रोजगार का सर्जन हुआ अर्थव्यवस्था मजबूत हुई जनसंख्या वृद्धि में गिरावट आई बुनियादी ढांचा मजबूत किए गए। 

 इस नवी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत  ‘स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना, जवाहर ग्राम समृद्धि योजना, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोज़गार योजना, प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना’ को शामिल किया गया था  

नबी पंचवर्षीय योजना के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा साफ सफाई पर अधिक ध्यान स्वच्छता पर अधिक बल स्वरोजगार पर अधिक बल गरीब हेतु स्वरोजगार योजनाएं और पीने के पानी पर अधिक बल पानी बचाओ पर अधिक बल दिया गया।

नवी पंचवर्षीय योजना का  उद्देश्य

  • 9th Five Year Plan का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय प्रदान करना।
  •  आर्थिक संवृद्धि को  प्राप्त करना इस लक्ष्य को पाने के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता, और क्षेत्रीय संतुलन जैसे क्षेत्रों पर बल दिया जाना ।
  • नौवी योजना में कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर के 3।9 प्रतिशत के लक्ष्य के विरूद्ध वास्तविक उपलब्धि केवल 2.1 प्रतिशत रही ।
  • प्राकृतिक संसाधनों का उचित तरीके से उपयोग करना तथा पूर्ण रूप से सरंक्षण करना ।
  • कई सारी सरकारी योजनाओं को लागू करना इसका मुख्य उद्देश्य रहा था।
  •  महिला सशक्तिकरण यह तो भी इस पर अधिक जोर दिया गया था

11th Panchvarshiya Yojana – ग्यारवी पंचवर्षीय योजना (2007 -2012 )

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2007 से स्टार्ट हुई थी और इसका कार्यकाल 31 मार्च 2012 तक चला इस योजना का मुख्य उद्देश्य विधिवत तरीके से देश का विकास करना और अपना नाम आगे की श्रेणी में लिखवाना था। इस योजना में प्रत्येक राज्य हेतु योजना आयोग द्वारा 71731.98 करोड़ रुपए दिए गए । और सभी विभागों में निम्न प्रकार से बंटवारा हुआ जैसे कि कृषि में 4% उद्यागे एवं सेवाओं में 9-11% की प्रतिवर्ष वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करना। ग्रामीण क्षेत्र में निर्धनता से नीचे रहने वाले लोगो को बिजली पहुंचना ।

12th Panchvarshiya Yojana – बाहरवीं पंचवर्षीय योजना (2012 -2017 )

12वीं पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल 2012 में नीति आयोग द्वारा चालू की गई और इस योजना का अंत 31 मार्च 2017 में हुआ था। 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 10% विकास दर हासिल करना था। वैश्विक आर्थिक संकट का प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बहुत अधिक पड़ा था। 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंदर आर्थिक क्षेत्रक में कृषि, उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, संचार, ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास को प्रोत्साहन दिया गया।

सामाजिक क्षेत्रक में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गारऔर कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार एवं सामाजिक समावेश को शामिल किया गया । 12th Five Year Plans में सालाना विकास दर के आंकड़े को 8.2 प्रतिशत रखा गया है |

13th Panchvarshiya Yojana – तेहरवी पंचवर्षीय योजना (2017 – 2022 )

13वीं पंचवर्षीय योजना को वर्ष 2017 के अंदर लागू किया गया और इसका कार्यकाल 2022 तक रहा इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश का सर्वांगीण विकास करना था। इस योजना के तहत आर्थिक निवेश को भी बढ़ाया गया। इस योजना को प्रत्येक व्यक्ति को व्यापार करना गरीबी से दूर करना आदि पर अधिक बल दिया गया। 

दोस्तों कुछ इस प्रकार से हमारे देश के अंदर कुल 13 पंचवर्षीय योजनाएं चलाई जा चुकी है जिसके कुछ ना कुछ मुख्य उद्देश्य तय होते हैं और उन उद्देश्यों के ऊपर काम भी किया जाता है 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत का विकास सर्वांगीण स्थिति में हुआ और काफी हद तक सुधार हुआ जैसे कि जनसंख्या वृद्धि दर घटी गरीबी दूर हुई गरीब लोगों को आवास प्रदान किए गए कई सारी संबंधी योजनाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आदि को बढ़ावा मिला।

Faq for panchvarshiya yojana 2022

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ऐसी योजना जो देश के विकास हेतु 5 वर्ष के लिए चलाई जाती है पंचवर्षीय योजना कहलाती है ज्यादा जानकारी है तो आप आर्टिकल को पढ़ें।

pratham panchvarshiya yojana ka samay tha

प्रथम पंचवर्षीय योजना 9 जुलाई 1951 से लेकर 1956 तक भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसका श्रीगणेश किया।

pahli panchvarshiya yojana ki shuruaat kab hui

पहली पंचवर्षीय योजना की शुरुआत सन 1951 में हुई और अंत वर्ष 1956 में हुआ।

dwitiya panchvarshiya yojana ke nirmata kaun the

दूसरी पंचवर्षीय योजना के बारे में जानने के लिए आप आर्टिकल को पढ़ें।

पंचवर्षीय योजना क्या है संक्षेप में लिखिए?

ऐसी पंचवर्षीय योजनाएं जो देश के विकास हेतु सिर्फ 5 साल के लिए चलाई जाती है और उसके बाद एक नई योजना का गठन किया जाता है उसे पंचवर्षीय योजना के नाम से जाना जाता है।

2022 में कौन सी पंचवर्षीय योजना है?

2022 के अंदर 13वीं पंचवर्षीय योजना चल रही है।

भारत में पंचवर्षीय योजना कितनी है?

भारत में वर्तमान में 13वीं पंचवर्षीय योजना चल रही है और कुल 13 पंचवर्षीय योजनाएं हो चुकी है

Conclusion:- Panchvarshiya Yojana Kya Hai

 दोस्तों मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा क्योंकि आज के इस आर्टिकल के अंदर हमने Panchvarshiya Yojana Kya Hai और इनके विशेषताएं लाभ क्या क्या होते हैं और हम इन योजनाओं का लाभ कैसे ले पाएंगे आदि सभी जानकारी आज के आर्टिकल में मैंने दी है। और इनकी कुछ अलग से विशेषताएं भी मैंने यहां पर बता रखी है।

  • अब तक देश में 13 5 वर्षीय योजनाएं चलाई जा चुकी है।
  • इन Panchvarshiya Yojana का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना तथा देशवासियों के जीवनशैली में सुधार लाना भी है।
  • इन योजनाओं के माध्यम से उत्पादन में वृद्धि, संसाधनों का उचित आवंटन तथा हर किसी को रोजगार का अवसर प्रदान करना भी है।

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